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ओवरथिंकिंग करना एक तरह से विचारों की भूलभुलैया में फंसने का मतलब यह नहीं होता कि उससे बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी, “खाली दिमाग शैतान का घर होता है।” यह कहावत काफी हद तक ओवरथिंकिंग पर भी लागू होती है। जब हम बिना किसी कारण के बैठे-बैठे व्यर्थ की चिंताएं करने लगते हैं, जो कि मन का एक स्वाभाविक स्वभाव भी है, तब ओवरथिंकिंग जन्म लेती है। सुनने में यह समस्या छोटी लग सकती है, लेकिन यदि इसे समय रहते नियंत्रित न…

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नकारात्मक सोच एक दीमग की तरह होती है,जिसे अगर नियंत्रण ना किया जाए तो वो मस्तिष्क को अंदर से खोखला कर देती है। असफलता, फेलियर, मानसिक बीमारिया, डर, घबराहट, चिड़चिड़ा मन, जीवन मे दुख, भविष्य की चिंता और बुरी यादों का दलदल मे उलझना, इन सबका एक ही कारण है, “Negative Thinking”. आपका जीवन कैसा होगा, आपका मन कैसे रहेगा, आपकी भवनाएं कैसे होंगी, यह सब आपकी सोच पर निर्वहर करता है, ओर सोच एक ऐसी चीज है जिसके कर्म नहीं बनते है ओर जिसे इंसान नियंत्रण रखने की कला…

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