Bad Habits छोड़ना है? अपनाएं ये 10 असरदार तरीके | How to Stop Bad Habits
कई बार हम जानते हैं कि हमारी कोई bad habit हमारे लिए नुकसानदायक है, फिर भी उसे छोड़ नहीं पाते। हम बार-बार तय करते हैं कि अब ऐसा नहीं करेंगे, लेकिन कुछ दिनों बाद वही आदत फिर लौट आती है। आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या हमारी आदतें हमारे ऊपर इतनी मजबूत हो जाती हैं कि हम चाहकर भी उनसे बाहर नहीं निकल सकते? सच यह है कि किसी आदत को बदलना केवल खुद को रोकने का नाम नहीं है, बल्कि अपने mind, thoughts और व्यवहार के उस pattern को समझने का नाम है जो बार-बार हमें उसी दिशा में ले जाता है। कुछ आदतें हमारे stress, anxiety और negative thoughts से भी जुड़ी हो सकती हैं और लंबे समय तक बनी रहें तो मानसिक परेशानी को बढ़ा सकती हैं। इसलिए आज हम समझेंगे कि bad habits kya hoti he, क्या इन्हें वास्तव में बदला जा सकता है और bad habits kaise chhode जा सकते हैं।
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बैड हैबिट्स क्या होती हैं? What are bad habits
Bad habits kya hoti he, इसे समझने के लिए सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि हर आदत बुरी नहीं होती। आदत हमारे व्यवहार का वह हिस्सा है जिसे हम बार-बार दोहराते हैं और धीरे-धीरे हमारा दिमाग उसे सामान्य व्यवहार की तरह स्वीकार करने लगता है। जब कोई ऐसा व्यवहार बार-बार किया जाता है जो हमारे शरीर, मन, रिश्तों, काम, समय या जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, तो उसे सामान्य तौर पर bad habit यानी बुरी आदत कहा जा सकता है। उदाहरण के लिए बिना जरूरत बार-बार मोबाइल चलाना, काम को लगातार टालते रहना, देर रात तक जागना, गुस्से में तुरंत प्रतिक्रिया देना, हर छोटी बात पर negative thinking करना, जरूरत से ज्यादा खाना या किसी ऐसे व्यवहार को बार-बार दोहराना जिसे हम खुद बदलना चाहते हैं—ये सभी परिस्थितियों के अनुसार खराब आदतों का रूप ले सकते हैं। लेकिन यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है। किसी व्यक्ति की एक आदत को देखकर उसे खराब इंसान मान लेना सही नहीं है। Bad habit और bad person एक ही चीज नहीं हैं। इंसान अपनी आदतों को बदल सकता है। कई बार कोई आदत हमारे लिए केवल एक व्यवहार नहीं रहती, बल्कि हमारे मन की किसी जरूरत से जुड़ जाती है। उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति तनाव में बार-बार मोबाइल देखने लगता है क्योंकि इससे कुछ समय के लिए उसका ध्यान दूसरी तरफ चला जाता है। इसी तरह कोई व्यक्ति अकेलेपन या sadness के समय किसी पुराने व्यवहार की ओर लौट सकता है। इसलिए किसी bad habit को छोड़ने से पहले यह समझना जरूरी है कि मैं यह काम बार-बार क्यों करता हूं? अगर हमें केवल व्यवहार दिखाई देता है और उसके पीछे छिपे कारण को नहीं देखते, तो आदत बदलना काफी मुश्किल हो सकता है। इसलिए अपनी habit को लेकर खुद को दोष देने के बजाय पहले उसे समझने की कोशिश कीजिए।
क्या बैड हैबिट्स बदली जा सकती हैं? Is It Possible to Change Bad Habits
Is it possible to change bad habits? हां, अधिकांश आदतों को बदला जा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर आदत एक-दो दिन में खत्म हो जाएगी। आदतें दोहराए गए व्यवहार से मजबूत होती हैं। जब हम किसी काम को बार-बार करते हैं, तो वह हमारे लिए परिचित हो जाता है। कई बार हमें यह भी महसूस नहीं होता कि हम उस व्यवहार को कब शुरू कर चुके हैं। इसी वजह से कोई व्यक्ति यह सोच सकता है कि “मैं तो इसे छोड़ना चाहता हूं, फिर भी बार-बार ऐसा क्यों कर देता हूं?” इसका मतलब यह नहीं कि आपके अंदर इच्छाशक्ति नहीं है। इसका मतलब यह हो सकता है कि आपने उस व्यवहार का एक मजबूत pattern बना लिया है। आदत बदलने में awareness, practice और consistency महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपको अपने व्यवहार को पहचानना होगा, उसके कारणों को समझना होगा और धीरे-धीरे एक बेहतर व्यवहार को उसकी जगह लाना होगा। कभी-कभी bad habits के पीछे stress, anxiety, emotional pain, loneliness या negative thoughts भी हो सकते हैं। ऐसे मामलों में केवल आदत को रोकने के बजाय उसके पीछे मौजूद समस्या को समझना ज्यादा उपयोगी होता है। यही कारण है कि लंबे समय तक रहने वाली उदासी या मानसिक परेशानी के दौरान किसी व्यक्ति के व्यवहार और routine में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। हालांकि हर bad habit को depression का लक्षण समझना सही नहीं है। इसलिए खुद को कमजोर समझने या दोष देने के बजाय अपनी आदत को समझना शुरू कीजिए। बदलाव संभव है, लेकिन इसके लिए खुद के साथ धैर्य रखना जरूरी है।
10 तरीके बैड हैबिट्स कैसे छोड़ें | How to Stop Bad Habits Hindi
अगर आप सोच रहे हैं कि bad habits kaise chhode, तो सबसे पहले यह समझिए कि आपको अपने खिलाफ लड़ाई नहीं लड़नी है। आपको अपने मन और व्यवहार को समझकर धीरे-धीरे एक नया रास्ता बनाना है।
1. अपनी हैबिट्स पहचानिए
हैबिट्स बदलने का पहला नियम है कि आप अपनी हैबिट्स पहचानिए। बिना पहचाने आप उन्हें बदल नहीं सकते। कई बार हम अपनी कुछ आदतों को आदत मानते ही नहीं हैं। हमें लगता है कि “मैं तो ऐसा ही हूं।” लेकिन यह सोच बदलाव के रास्ते में बड़ी बाधा बन सकती है। कुछ दिनों तक ध्यान दीजिए कि आप कौन-सा व्यवहार बार-बार करते हैं। कब करते हैं? किस परिस्थिति में करते हैं? उस समय आपके मन में क्या चल रहा होता है? मान लीजिए आप हर बार तनाव में बहुत ज्यादा मोबाइल चलाने लगते हैं। तो आपकी असली समस्या केवल मोबाइल नहीं हो सकती। हो सकता है कि मोबाइल आपके लिए stress से बचने का एक तरीका बन गया हो। इसलिए अपनी habit को केवल नाम मत दीजिए, उसके पीछे की परिस्थिति भी पहचानिए। एक कागज पर लिख सकते हैं—मैं कौन-सी आदत बदलना चाहता हूं, मैं इसे कब करता हूं और इसे करने के बाद मुझे कैसा महसूस होता है। यही awareness बदलाव की शुरुआत है।
2. Writing Therapy का इस्तेमाल कीजिए
अगर आपकी कोई habit आपको मानसिक तौर पर प्रभावित करती है, तो उसे लिखकर समझना बहुत जरूरी हो सकता है। आप इसे writing therapy कह सकते हैं। जब हम किसी बात को केवल मन में रखते हैं, तो वह कई बार उलझती रहती है। लेकिन जब वही बात कागज पर लिखते हैं, तो हमें अपने thoughts को बाहर से देखने का मौका मिलता है। आप लिख सकते हैं—”मैं यह habit कब करता हूं?”, “उस समय मुझे क्या महसूस होता है?”, “मैं इससे क्या हासिल करना चाहता हूं?” और “अगर मैं यह habit छोड़ दूं तो मेरी जिंदगी में क्या बेहतर हो सकता है?” लिखते समय खुद को judge मत कीजिए। आपका उद्देश्य खुद को दोष देना नहीं बल्कि खुद को समझना है। अगर किसी habit के पीछे लगातार sadness, anxiety, बहुत ज्यादा stress या negative thoughts दिखाई देते हैं, तो उन भावनाओं को भी लिखिए।
3. अपने अवचेतन मन से बाहर कीजिए
हैबिट हमारे मन में बार-बार दोहराए गए व्यवहार से मजबूत होती है। इसलिए कई बार हम उसे बदलना चाहते हैं, फिर भी नहीं बदल पाते। इसका एक कारण यह हो सकता है कि वह व्यवहार हमारे लिए बहुत familiar हो गया है। किसी परिस्थिति में हमारा दिमाग बिना ज्यादा सोच-विचार किए पुराने व्यवहार की ओर चला जाता है। इसीलिए bad habits kaise chhode का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है—अपने automatic behaviour को पहचानना। जब भी आपको लगे कि आप अपनी पुरानी habit दोहराने वाले हैं, कुछ क्षण रुकिए। तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय खुद से पूछिए—“क्या मैं यह सच में करना चाहता हूं या केवल अपनी पुरानी आदत दोहरा रहा हूं?” यह छोटा-सा pause बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। आप अपने पुराने pattern की जगह नया response विकसित करने का अभ्यास कर सकते हैं। उदाहरण के लिए stress में तुरंत मोबाइल उठाने की जगह कुछ मिनट टहलना, पानी पीना, गहरी सांस लेना या किसी जरूरी काम पर ध्यान देना शुरू कर सकते हैं। धीरे-धीरे नया व्यवहार मजबूत होने लगता है।
4. अपनी हैबिट्स शेयर कीजिए
कई बार आपका नजरिया और दूसरे व्यक्ति का नजरिया किसी habit को देखने में बिल्कुल अलग होता है। जो धारणा हम अपनी habits के प्रति बना लेते हैं, कई बार वह वास्तविकता से ज्यादा बड़ी हो जाती है। कोई आदत हमारी नजर में बहुत बड़ी समस्या हो सकती है, जबकि कोई करीबी व्यक्ति हमें एक अलग perspective दे सकता है। इसलिए अगर आपको लगता है कि आपकी कोई habit आपको परेशान कर रही है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से उसके बारे में बात कीजिए। लेकिन हर किसी के सामने अपनी निजी बातें साझा करना जरूरी नहीं है। ऐसे व्यक्ति को चुनिए जो आपकी बात सुने, आपका मजाक न बनाए और आपको समझने की कोशिश करे। कभी-कभी सिर्फ अपनी बात किसी के सामने कह देना भी मन का बोझ कम कर देता है।
5. अपनी हैबिट को मन में बड़ा मत बनाइए
आपने हाथी की वह कहानी तो सुनी होगी जिसमें कहा जाता है कि जब हाथी छोटा होता है तो उसके पैर में रस्सी बांध दी जाती है। बड़ा होने के बाद वह रस्सी तोड़ सकता है, लेकिन पुरानी मानसिकता के कारण उसे लगता है कि वह ऐसा नहीं कर सकता। इसी तरह कई बार हम अपनी habits को अपने मन में इतना बड़ा बना लेते हैं कि हमें लगता है कि अब इससे निकलना संभव ही नहीं है। आप खुद से कहते हैं—”मैं इसे कभी नहीं छोड़ सकता”, “मैं हमेशा ऐसा ही रहूंगा” या “मेरे अंदर कोई बदलाव नहीं हो सकता।” यही सोच आपको रोकती है। अपनी habit को मामूली समझना और उसे छोड़ने का प्रयास करना जरूरी है। इसका मतलब समस्या को ignore करना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि आपकी habit आपकी पहचान नहीं है। आपकी एक bad habit आपको परिभाषित नहीं करती।
6. अपनी Bad Habit के Triggers पहचानिए
हर habit के पीछे कोई न कोई trigger हो सकता है। Trigger यानी वह परिस्थिति, भावना, व्यक्ति या समय जिसके बाद आपकी पुरानी habit शुरू हो जाती है। किसी व्यक्ति को रात में अकेले रहने पर negative thoughts आने लगते हैं। कोई व्यक्ति तनाव में बार-बार खाना शुरू कर देता है। कोई व्यक्ति गुस्से में तुरंत कठोर शब्द बोल देता है। इसलिए कुछ दिनों तक अपने triggers पर ध्यान दीजिए। क्या आपकी habit तब बढ़ती है जब आप अकेले होते हैं? क्या यह किसी खास व्यक्ति से मिलने के बाद होती है? क्या काम का pressure इसे बढ़ाता है? क्या नींद पूरी न होने पर आप ज्यादा कमजोर महसूस करते हैं? जब trigger दिखाई देने लगता है तो उसे संभालना भी आसान हो जाता है। How to stop bad habits का एक महत्वपूर्ण तरीका यही है कि आप उस situation को समझें जो habit को activate करती है।
7. Bad Habit की जगह अच्छी Habit रखिए
सिर्फ किसी habit को रोकने की कोशिश करने के बजाय उसकी जगह एक बेहतर habit विकसित करना अधिक व्यावहारिक हो सकता है। मान लीजिए आप तनाव में लगातार मोबाइल देखते हैं। आप केवल यह तय कर सकते हैं कि “मैं मोबाइल नहीं चलाऊंगा”, लेकिन अगर stress आने पर आपके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है तो पुरानी habit वापस आ सकती है। इसके बजाय आप एक नया विकल्प तैयार कर सकते हैं—कुछ देर walk करना, music सुनना, किताब पढ़ना, किसी दोस्त से बात करना या अपने thoughts लिखना। यानी पुरानी आदत को खाली जगह में छोड़ने के बजाय उसके लिए एक बेहतर रास्ता बनाइए। छोटे बदलाव अक्सर लंबे समय में बड़े परिणाम दे सकते हैं।
8. एक साथ सारी आदतें बदलने की कोशिश मत कीजिए
अगर आपके अंदर कई bad habits हैं, तो एक साथ सभी को बदलने की कोशिश करना आपको मानसिक रूप से थका सकता है। आप पहले एक habit चुनिए। उसे समझिए और उसके ऊपर काम कीजिए। जब आप एक छोटे बदलाव में सफल होते हैं, तो आपके अंदर confidence बढ़ता है। फिर दूसरी habit पर काम करना आसान हो सकता है। याद रखिए, habit बदलना कोई competition नहीं है। अगर आपने कई दिनों तक एक पुरानी habit दोहराई है तो कुछ दिनों में उसके पूरी तरह खत्म न होने पर खुद को असफल मत समझिए। कभी-कभी progress सीधी रेखा में नहीं होती। कुछ दिन अच्छे हो सकते हैं और कुछ दिन मुश्किल। जरूरी यह है कि आप रुकें नहीं।
9. खुद को हर गलती के लिए दोष मत दीजिए
कई लोग habit बदलने की कोशिश करते समय सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि एक बार पुरानी habit दोहराते ही खुद को दोष देने लगते हैं। “मैं कभी नहीं बदल सकता।” “मेरे अंदर इच्छाशक्ति नहीं है।” “मैं हमेशा ऐसा ही करूंगा।” ऐसी बातें आपके negative thoughts को और मजबूत कर सकती हैं। अगर आपने कोई habit छोड़ने का फैसला किया और फिर एक दिन वही काम कर दिया, तो इसे पूरी यात्रा की हार मत समझिए। खुद से पूछिए कि ऐसा क्यों हुआ। क्या कोई trigger था? क्या आप बहुत stressed थे? क्या आप emotional थे? क्या आपने पर्याप्त आराम नहीं किया था? गलती को failure की जगह feedback की तरह देखिए। यह दृष्टिकोण आपको आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।
10. छोटे लक्ष्य बनाइए और लगातार प्रयास कीजिए
Bad habits kaise chhode का सबसे जरूरी जवाब शायद यही है—छोटे लक्ष्य बनाइए और लगातार प्रयास कीजिए। यह मत सोचिए कि “आज से मैं जिंदगी भर यह habit नहीं करूंगा।” शुरुआत में इतना बड़ा लक्ष्य आपको दबाव में डाल सकता है। इसके बजाय छोटे लक्ष्य बनाइए। आज मैं इस habit को एक बार कम करूंगा। आज मैं trigger आने पर कुछ मिनट रुकूंगा। आज मैं अपने thoughts लिखूंगा। आज मैं अपनी जगह कोई बेहतर activity करूंगा। फिर धीरे-धीरे इन छोटे प्रयासों को दोहराइए। Habit बदलने का मतलब केवल पुरानी चीज छोड़ना नहीं है। यह अपने लिए एक नया pattern बनाना है। और इस पूरी प्रक्रिया में खुद के प्रति धैर्य रखना बहुत जरूरी है। अगर कभी आप असफल होते हैं तो वहीं रुक मत जाइए। अगला दिन फिर एक नया अवसर है।
निष्कर्ष
इस लेख में आपने पढ़ा कि bad habits kaise chhode जा सकते हैं और क्यों किसी बुरी आदत को बदलने से पहले उसे पहचानना जरूरी है। अपनी habits को समझना, उनके triggers पहचानना, उन्हें लिखना, किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना और पुरानी habit की जगह बेहतर व्यवहार विकसित करना बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं। याद रखिए, आपकी कोई एक habit आपकी पूरी पहचान नहीं है। Bad habits को बदलने के लिए आपको अपने मन के खिलाफ लड़ने की जरूरत नहीं है। आपको अपने व्यवहार को समझना है और धीरे-धीरे उसे बदलने का अभ्यास करना है। अगर आपकी कोई habit stress, anxiety, negative thoughts या लंबे समय से चली आ रही depression or sadness जैसी भावनाओं से जुड़ी है, तो उसके पीछे की भावनात्मक वजह को समझना भी जरूरी है। जरूरत पड़ने पर किसी योग्य mental health professional की मदद लेना कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी है। अंत में इतना ही कहूंगा कि How to stop bad habits का कोई जादुई तरीका नहीं है। बदलाव छोटे-छोटे प्रयासों से आता है। अपने आपको दोष देने के बजाय खुद को समझिए, अपनी गलतियों से सीखिए और दोबारा कोशिश कीजिए। जिस habit को आज आप अपने जीवन की सबसे बड़ी कमजोरी समझ रहे हैं, हो सकता है कल उसी habit पर आपका नियंत्रण हो। खुद पर विश्वास रखिए, क्योंकि बदलाव की शुरुआत अक्सर उस दिन होती है जब इंसान खुद से कहता है—“मैं बदल सकता हूं और मैं कोशिश करना नहीं छोड़ूंगा।”
FAQs
1. बैड हैबिट्स क्या होती हैं?
Bad habits kya hoti he यानी ऐसी आदतें या व्यवहार जो बार-बार दोहराए जाने पर हमारे स्वास्थ्य, समय, रिश्तों, काम या मानसिक शांति पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। हर व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार bad habit अलग हो सकती है।
2. क्या बैड हैबिट्स बदली जा सकती हैं?
हां, अधिकांश habits को बदला जा सकता है। इसके लिए अपनी habit को पहचानना, उसके triggers समझना, नया व्यवहार विकसित करना और लगातार अभ्यास करना जरूरी होता है। Is it possible to change bad habits का जवाब इसलिए हां है, लेकिन बदलाव के लिए समय और consistency जरूरी है।
3. बैड हैबिट्स कैसे छोड़ें?
Bad habits kaise chhode इसके लिए सबसे पहले अपनी habit और उसके triggers पहचानिए। फिर उसके पीछे के कारण को समझिए, उसे लिखिए और उसकी जगह कोई सकारात्मक व्यवहार विकसित कीजिए। एक साथ बहुत कुछ बदलने के बजाय छोटे लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।
4. आदत छोड़ने में इतना समय क्यों लगता है?
क्योंकि कोई भी habit बार-बार दोहराए गए व्यवहार से मजबूत होती है। उसे बदलने में केवल इच्छा नहीं, बल्कि लगातार अभ्यास और नए व्यवहार को दोहराने की जरूरत होती है। इसलिए कुछ दिनों में बदलाव न दिखने पर निराश नहीं होना चाहिए।
5. क्या stress से bad habits बढ़ सकती हैं?
हां, stress के समय व्यक्ति पुराने और परिचित व्यवहार की ओर ज्यादा आसानी से जा सकता है। कुछ लोगों में stress के दौरान मोबाइल का अधिक इस्तेमाल, overeating, procrastination या अन्य repetitive behaviors बढ़ सकते हैं। इसलिए habit के साथ उसके emotional triggers को समझना भी जरूरी है।
6. क्या depression or sadness के कारण bad habits हो सकती हैं?
कुछ लोगों में लंबे समय तक रहने वाली sadness, stress या depression के दौरान उनके व्यवहार और daily routine में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। लेकिन हर bad habit को depression का संकेत नहीं माना जा सकता। अगर उदासी या अन्य मानसिक परेशानियां लगातार बनी रहती हैं और जीवन को प्रभावित कर रही हैं, तो mental health professional से सलाह लेना उचित है।
7. क्या सिर्फ इच्छाशक्ति से bad habits छोड़ी जा सकती हैं?
इच्छाशक्ति मदद कर सकती है, लेकिन केवल इच्छाशक्ति हमेशा पर्याप्त नहीं होती। अपनी habit के triggers पहचानना, environment बदलना, बेहतर विकल्प बनाना और नए व्यवहार का लगातार अभ्यास करना भी महत्वपूर्ण है। इसी वजह से How to stop bad habits को एक प्रक्रिया के रूप में देखना ज्यादा सही है।
8. पुरानी habit दोबारा शुरू हो जाए तो क्या करें?
अगर पुरानी habit दोबारा शुरू हो जाए तो खुद को असफल घोषित न करें। यह समझने की कोशिश करें कि उस समय कौन-सा trigger था और अगली बार आप क्या अलग कर सकते हैं। एक setback का मतलब यह नहीं कि आपकी पूरी progress खत्म हो गई।
9. बैड हैबिट छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
सबसे अच्छा तरीका वह है जिसमें आप अपनी habit को समझकर उसके कारण और triggers पर काम करें। Bad habits kaise chhode इसका कोई एक जादुई formula नहीं है। Awareness, छोटे लक्ष्य, बेहतर alternatives और consistency मिलकर habit change में मदद कर सकते हैं।
लेखक द्वारा अंत सन्देश:

यह ब्लॉग लोगों की मदद और जीवन की कठिन परिस्थितियों को समझने के उद्देश्य से बनाया गया है। ऑथर कनिष्क शर्मा Self Help, Mental Health, Psychology, रिश्तों और आत्म-विकास जैसे विषयों पर अपने विचार, अनुभव और ज्ञान साझा करते हैं। वह स्वयं भी जीवन के कठिन दौर से गुजर चुके हैं और लोगों के दर्द को समझते हैं। हमारा प्रयास रहता है कि यहां दी गई जानकारी को Research, Verification और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर ही आप तक पहुंचाया जाए।
फिर भी यह जानकारी किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत परिस्थिति का अंतिम समाधान नहीं है। गंभीर Mental Health या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर योग्य डॉक्टर या Mental Health Professional की सलाह जरूर लें। यदि आप कोई सुझाव, अनुभव या लेख हमारे साथ साझा करना चाहते हैं, तो हमें authorksharma@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं। हम उसे आपकी. वेबसाइट और फोटो तथा अन्य जानकारी के साथ अपने ब्लॉग पर साझा करेंगे।
ऑथर कनिष्क शर्मा की ओर से आपको और आपके परिवार को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मैं उम्मीद करता हूं कि आपका भविष्य उज्ज्वल रहे, आप स्वस्थ और खुश रहें तथा जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहें। धन्यवाद।







